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रामायण क्रूज सेवा’ सरयू नदी में पर्यटकों को करायेगी रामचरितमानस यात्रा

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  अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी पर जल्द ही एक ‘रामायण क्रूज सेवा’ शुरू की जाएगी. यह आने वाले तीर्थयात्रियों को ‘रामचरित मानस यात्रा’ कराएगा उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी पर जल्द ही एक ‘रामायण क्रूज सेवा' (Ramayana Cruise Service) शुरू की जाएगी. यह आने वाले तीर्थयात्रियों को ‘रामचरित मानस यात्रा' (Ramcharitmanas Yatra) कराएगा. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, कि पवित्र सरयू नदी में पहली लक्जरी क्रूज (जलपोत) सेवा जल्द शुरू की जाएगी. इस परियोजना का लक्ष्य अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को यादगार अनुभव प्रदान करना है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को क्रूज सेवा शुरू करने के संदर्भ में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. मंत्रालय ने कहा कि सरयू नदी पर अपनी तरह की यह पहली क्रूज सेवा लोकप्रिय घाटों से गुजरेगी और यात्रियों को अनोखा अनुभव प्रदान करेगी. इस क्रूज पर सभी लक्जरी सुविधाओं के साथ-साथ अनिवार्य सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों के अनुरूप होगी. क्रूज की आ...

राम मंदिर के टेस्ट पिलर्स की कई स्तर पर हो रही लोड टेस्टिंग, 8 माह बाद ही शुरू होगा पत्थरों का काम

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  अयोध्या नींव के टेस्ट पिलर्स की टेस्टिंग कई स्तर पर मशीन से लोड डाल कर की जा रही है। अभी और गहराई तक टेस्ट पिलर्स पर मशीन से लोड डाल कर टेस्टिंग की जाएगी। बताया गया कि अभी केवल तीन पिलर्स पर 40, 60 और 80 फीट तक लोड डाल कर टेस्टिंग की गई है। इस काम में और समय लग सकता है। राम मंदिर के नींव के टेस्ट पिलर्स की टेस्टिंग कई स्तर पर मशीन से लोड डाल कर की जा रही है। अभी और गहराई तक टेस्ट पिलर्स पर मशीन से लोड डाल कर टेस्टिंग की जाएगी। बताया गया कि अभी केवल तीन पिलर्स पर 40, 60 और 80 फीट तक लोड डाल कर टेस्टिंग की गई है। इस काम में और समय लग सकता है। मंदिर आर्किटेक्ट निखिल सोमपुरा के मुताबिक सरयू नदी की धारा को ध्यान मे रख कर 200 फीट गहराई तक की लोड टेस्टिंग की जा सकती है। यह कार्य आईआईटी की टीम कर रही है। नींव की मजबूती पर ही 1000 साल तक मंदिर टिेक सकेगा। ऐसे में इसकी लोड टेस्ट रिपोर्ट ओके होने के बाद ही मंदिर के 1200 पिलर्स का निर्माण शुरू होगा। मंदिर के आर्किटेक्ट निखिल सेामपुरा ने बताया कि पत्थरों का काम 7-8 महीने के बाद शुरू हो सकेगा क्योंकि नींव के  टेस्ट पिलर्सं  की लोड टे...

परिक्रमा के लिए अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं पर कड़ी पाबंदी

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 अयोध्या ‘पंच कोसी परिक्रमा’ और ‘चौदह कोसी परिक्रमा’ के लिए अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं पर कड़ी पाबंदी लगाते हुए कोविड-19 के मद्देनजर सिर्फ स्थानीय लोगों को परिक्रमा करने की अनुमति दी गई है. अयोध्या:  ‘पंच कोसी परिक्रमा' और ‘चौदह कोसी परिक्रमा' के लिए अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं पर कड़ी पाबंदी लगाते हुए कोविड-19 के मद्देनजर सिर्फ स्थानीय लोगों को परिक्रमा करने की अनुमति दी गई है. हर साल बड़ी संख्या में लोग परिक्रमा के लिए अयोध्या आते हैं. यहां ‘चौहद कोसी परिक्रमा' 22 नवंबर से जबकि ‘पंच कोसी परिक्रमा' 25 नवंबर से शुरू होगी. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है, कि देश के विभिन्न प्रांत में कोविड-19 की दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए यह पाबंदी लगाई गई हैं. पीटीआई-भाषा से बातचीत में अयोध्या के पुलिस उप महानिरीक्षक दीपक कुमार ने बताया, ‘‘हम अयोध्या के पड़ासी जिलों के प्रशासन के संपर्क में है. सभी सीमाओं पर अवरोधक लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है.''